पंजाब में दलित मजदूर को खंभे से बांधकर पीटाई,फिर पिलाया पेशाब,9 दिन बाद हुआ मौत

0

दलितों पर अत्याचार ये तो सदियों से चला आ रहा है। लेकिन क्या ये अत्याचार देशभर में थमा है,ये गौर करने वाली बात है। आपको बता दे कि हाल ही में ताजा

मामला सामने आया है। जिसे सुनकर रूह कांप उठेगा। ये मामला पंजाब के संगरूर जिले के चंगाली गांव का है, जहां एक दलित मजदूर के साथ दिल दहलाने वाला वाक्या

हुआ है। दरअसल एक दलित मजदूर की बेरहमी से पिटाई की गई जिसके बाद उसकी मौत हो गई। 37 साल के जगमेल सिंह को गांव के कुछ दंबगों ने बंधक बनाकर

लाठी डंडे से पिटाई की और तो और दंबगों ने मूत्र पिने के लिए भी मजबूर किया था। इस घटना के 9 दिन बाद पीड़ित जमगेल ने अस्पताल में अपनी आखरी सांस ली।

इस घटना के 4 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसका नाम अमरजीत सिंह, उसका बेटा रिंकू और उसके दोस्त लकी तथा बिंदर है। सभी आरोपी जाट सिख समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों का कहना है कि दलित मजदूर ने उन लोगों के साथ गाली गलोज की थी। जिसके बाद उन लोगों को गुस्सा आ गया था। इन चारों आरोपियों पर हत्या और एससी / एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उधर पीड़ित ने अपने दिए गए बयान में पुलिस को FIR दर्ज करवाया था जगमेल ने बताया था कि उसे 7 नवंबर को रिंकू के घर ले जाया गया और वहां उसकी पिटाई की गई। अपने बयान में जगमेल ने बताया है, “मुझे एक पोल से बांधकर दो-तीन घंटे तक रखा गया। बीता उर्फ बिंदर ने अपने हाथ में एक लाठी पकड़ रखी थी। रिंकू ने मेरी बाहें पकड़ी हुई थी। वहीं, उसके पिता एक छोटा रॉड लेकरआए। उन लोगों ने मुझे बेरहमी से खूब पीटा। जब मैंने रिंकू से पानी मांगा, तो वह बाथरूम गया और पेशाब किया और मुझे अपना मूत्र पीने के लिए मजबूर किया।

एफआईआर के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया कि पीड़ित के घाव भारी हथियार से पिटने की वजह से हैं। वही पीड़ित की पत्नी ने भी आरोप लगाया है कि उसके

पति को घर से बुलाकर पिटाई की गई “21 अक्टूबर को मेरे पति की रिंकू, बिंदर और उसके दोस्त के साथ कहा-सुनी हो गई थी। हालांकि, मामला सुलझ गया था।

लेकिन, 7 नवंबर को रिंकू, बिंदर और लकी ने मेरे पति को अमजीत के घर ले गए और वहां उनकी पिटाई की।” जगमेल और मंजीत कौर का एक 15 साल का बेटा दो

बेटिया जिसकी उम्र 9 और 6 साल है। पत्नी का कहना है कि परिवार में एक ही कमाने वाला था जिसकी पिट-पिट कर हत्या कर दी गई अब अब उसका और उसके बच्चों

का कौन सहारा बनेगा। पड़ित परिवार सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे है। मुआवजे के लिए 50 लाख रूपया और परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी की

मांग। वही उनकी मांगों को मंजूरी नही दी गई है। वही चंढ़ीगढ़ हाईवे पर दलित समाज के लोग और नेताए परिवार वालों के समर्थन करने के लिए पहुंचे जहां सरकार से

मांग की पूर्ति करने का दबाव बनाया। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के प्रमुख सचिव और डीजीपी को जल्द से जल्द जांच पूरी करने का निर्देश दिया है.।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here