मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के 41 में से 40 मामलों में सभी आरोपी बरी

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नयी दिल्ली: साल 2013 में उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में हुए दंगों के 41 में से 40 मामलों में सभी अभियुक्तों को छोड़ दिया गया है।

इस खबर की जानकारी मशहूर अखबार द इंडियन एक्सप्रेस ने दी है। साथ ही अख़बार ने बताया के हत्या के 10 मामलों में कई ख़ामियां रह गयी जिनके कारण अभियुक्तों को बरी कर दिया गया।

जैसे की घटनाओं के पांच गवाह इस बात से ही मुकर गए कि वो अपने रिश्तेदार की हत्या के समय मौक़े पर मौजूद थे। जबकि एफ़आईआर में ऐसा लिखा गया है, ये गवाह घटना स्थल पर मौजूद थे।
जबकि इनमें से छह गवाहों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उनसे ख़ाली पन्नों पर जबरन साइन कराए थे।

इतना ही नहीं पुलिस को पांच हत्या के मामलों में इस्तेमाल हुआ हथियार तक नहीं मिल पाया।
गौरतलब है कि, इन बयानों के आधार पर जनवरी 2017 से फ़रवरी 2019 के बीच 10 हत्या के मामलों में सभी अभियुक्तों को छोड़ दिया गया है।

साथ ही साल 2017 के बाद से मुज़फ़्फ़रनगर कोर्ट 41 मामलों पर अपना फ़ैसले सुना चुकी है और अब तक सिर्फ़ एक ही मामले में सज़ा दी गयी।

ग़ौर करने वाली बात ये है कि, दंगों के दौरान हुई घटनाओँ के सभी 40 मामले मुसलमानों पर हमले से जुड़े हुए हैं।

अभी तक 8 फ़रवरी को सिर्फ एक ही मामले में सजा हुई है, जिसमें मुज़म्मिल मुजस्सिम, फ़ुरक़ान, नदीम, जहांगीर, इक़बाल और अफ़ज़ाल अभियुक्त थे. इन सभी युवकों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई जा चुकी है।

आपको बता दें कि साल 2013 में हुए मुज़फ़्फ़रनगर दंगे में तक़रीबन 65 लोग मारे गए थे। वहीँ उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव थे तथा सेंटर में यूपीए की सरकार थी।

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