अखिलेश नहीं चाहते थे मुस्लिमों को अधिक टिकट: मायावती

0

By Muslim Mirror Staff-reporter 

नई दिल्ली : चुनाव में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने पर समाजवादी पार्टी (SP) से बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पूरी तरह गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया। रविवार को BSP की अखिल भारतीय बैठक में मायावती ने कहा कि SP के साथ चुनाव लड़ना सबसे बड़ी भूल तक बता दी।

रविवार को उन्होंने कहा, अखिलेश नहीं चाहते थे कि गठबंधन मुस्लिमों को ज्यादा टिकट दे। उनका मानना था कि इससे वोटों का ध्रुवीकरण होता और भाजपा को फायदा मिलता।

लखनऊ में पार्टी नेताओं की बैठक में मायावती ने गठबंधन टूटने की वजह गिनाईं। अखिलेश पर हार का ठीकरा फोड़ते हुए उन्होंने कहा कि यादवों ने गठबंधन को वोट नहीं दिए। यदि पूरे वोट गठबंधन को मिलते तो सपा बदायूं, फिरोजाबाद और कन्नौज जैसी सीटें कभी न हारती। मायावती ने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद अखिलेश मिलने नहीं आए। यह उनकी अपरिपक्वता दिखाता है। साथ ही अब अकेले लड़ने की बात कही।

इतना ही नहीं मायावती ने भाई आंनद कुमार और भतीजे आकाश कुमार को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। आनंद को एक बार फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, भतीजे आकाश के साथ अपने करीबी रामजी गौतम को राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया है। बसपा सुप्रीमो ने लोकसभा में नेता कुंवर दानिश अली और राज्यसभा में नेता सतीश चंद्र मिश्र को विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here