पूर्व-भारतीय सेना अधिकारी का बयान, मुसलमानों से “मौत के बदले मौत, बलात्कार बदले बलात्कार” के रूप में लिया जाए बदला

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नई दिल्ली: यूं तो भारतीय सेना को सबसे निष्पक्ष संस्थान के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता दांव पर है।

दरअसल, जाने माने शीर्ष रैंकिंग वाले कुछ सेवानिवृत्त सेना अधिकारी बीजेपी में शामिल हो गए हैं जिसके कारण इनमें से कई टीवी चैनलों पर हिंदुत्व समूह के प्रवक्ताओं की तरह बोलते नज़र आते हैं।

इसका ताजा उदाहरण रिटायर्ड मेजर जनरल एस पी सिन्हा के रूप में सामने आया जब श्री सिन्हा कश्मीरी पंडित के मुद्दों पर एक लाइव टीवी डिबेट में हिंदुओं की हत्या और बलात्कार के समाधान के रूप में मुसलमानों को मारने और बलात्कार करने का आह्वान करते नज़र आये.

आपको बता दें कि, टीवी9 भारतवर्ष पर लाइव टीवी डिबेट में आकर रिटायर्ड जनरल सिन्हा को ये कहते हुए साफ़ सुना जा सकता है कि “मौत के बदले मौत और बलात्कार के बदले बलात्कार”.

ये कोई पहली बार नही है जब कश्मीर मुद्दे पर इस तरह की टिपण्णी सामने आरही हो, बल्कि इससे पहले भी भारतीय सेना पर कश्मीर में मुसलमानों की हत्या और सामूहिक बलात्कार करने का आरोप लग चुका है, जिसका एक उदहारण कुनन पोश्पारा है. दरअसल, स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया था कि 23 फरवरी, 1991 की रात सैनिकों ने गाँव की महिलाओं का कथित रूप से बलात्कार किया था। वहीँ स्थानीय मजिस्ट्रेट के दौरे के बाद पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई पहली सूचना रिपोर्ट में 23 महिलाओं के साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया था। हालांकि इस मुद्दे पर  ह्यूमन राइट्स वॉच का दावा है कि यह संख्या 23 और 100 के बीच हो सकती है।

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