हिमाचल प्रदेश: जुमे की नमाज़ के लिए लगे टेंट को उखाड़ फेंका गया, पढ़ा गया हनुमान चालीसा

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक ज़मीन पर नमाज़ अदा करने के मामला एक विवाद बनता नज़र आ रहा है. दरअसल ये मामला हिमाचल प्रदेश के उना स्थित टहलीवाल बाज़ार का है, जहाँ शुक्रवार को जुमे की नमाज़ को लेकर सेकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई.

समाचार पोर्टल इंडिया टीवी न्यूज़ के अनुसार, उना स्थित टाहलीवाल के नंगल कलां गांव में जुमे की नमाज के लिए लगाए गए बांस-बल्लों को उखाड़ कर फेंक दिया गया और फिर उस जगह पर हनुमान चालीसा का पाठ कराया गया.

गौरतलब है कि, ये पूरा विवाद नगर पंचायत की जमीन को लेकर है, जिसपर सालों से मुसलमान समाज के लोग नमाज़ अदा करते आ रहे हैं.

इस मामले पर हिंदू समाज का आरोप है कि सार्वजनिक ज़मीन पर जुमे को होने वाली नमाज से इलाके में जाम के हालात पैदा हो जाते हैं. तथा स्थानीय  मुसलामानों के अलावा शुक्रवार को यहाँ पंजाब, दिल्ली, हरियाणा से करीब दो से तीन हजार मुसलमान नामज़ अदा करने के लिए पहुँचते हैं जिससे पूरे इलाके का माहौल खराब हो रहा है.

वहीँ मुस्लिम समाज ने इन सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि वो 1983 से ही इस जगह पर नमाज पढ़ते आ रहे है और इस जमीन पर अदालत में केस भी चल रहा है.

गौरतलब है कि इस पूरे विवाद पर हिन्दू संगठनों के नेता भी सियासत करने से पीछे नहीं रहे और कहा कि हिमाचल प्रदेश को कैराना, मेरठ, या बंगाल नहीं बनने दिया जाएगा.

जैसे ही जुमे की नमाज पढने को लेकर हुए विवाद और तनाव की खबर पुलिस को लगी तो पुलिस ने फ़ौरन वहां पहुँच कर इस मामले को शांत कराया.

आपको बता दें कि पिछले कई हफ़्तों से सार्वजनिक स्थान पर नमाज़ पढने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और इस पर खासी गर्मागर्मी अक्सर सोशल मीडिया पर देखने को मिल रही है.

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