आईएएस ऑफीसर गोपीनाथ कत्रन ने दिल्ली दंगे को लेकर सरकार की नीतियों पर उठाया सवाल

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शगुफा सैय्यदा कि रिपोर्ट….

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को यंग इंडिया के जानिव से सीएए,एनपीआर के खिलाफ सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। आईएएस गोपीनाथ कत्रन भी इस प्रदर्शन में सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। देश के हालात पर अपनी चिंचा जताते हुए मोदी, अमित शाह देश के आने वाले कल के साथ खिलवाड़ कर रही है। जिस तरह से भाजपा सरकार छात्रों पर हमला करवा रही है। उससे साफ पता चल रहा है कि देश के नौजवानों को शिक्षित होता हुए सरकार नही देखना पसंद करती है।

आगे कहा कि देशभर में सीएए,एनपीआर के खिलाफ धरना प्रदर्शन हो रहा है,लेकिन भाजपा सरकार अपनी मनमानी कर रही है। देश की जनता जांग चुकी है जिस तरह से सरकार को सत्ता में बैठाया है। उसी तरह से सत्ता छीनना भी जनता जानती है। आगे गोपीनाथ ने कहा कि मुझे दो बार पुलिस ने डिटेन किया है। खुद पुलिस वाले सरकार के दवाव में इस तरह कठोर कदम उठा रही है। सरकार के आगे या तो कुछ लोग दब जाते है। या फिर खुलकर उनका मुकाबला करते है।जिस तरह से आज भी दिल्ली के तुर्कमान गेट पर महिलाओं के साथ दिल्ली पुलिस ने बदतमीजी कि और उन्हें डिटेन कर लिया गया।

आज देश का मुसलमान तबका इस सरकार से डरा हुआ है। दिल्ली के शिवपुरी इलाके के लोग अपने- अपने घरों को छोड़कर जा रहे है। और भी दंगा पीड़ित जगहों से लोग पलायन कर रहे है। तीन दिनों तक देश की राजधानी हिंसा के आग में जलती रही लेकिन देश के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री आंखे मुंद कर बैठी रही। वही चंद्रशेखर रावण भी जंतर मंतर पर पहुंच कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि देश की जनता सड़कों पर संविधान बचाने निकली है। बाबा साहब के संविधान और लोकतंत्र पर जब- जब संघि गुंडे हमला करेगें वो पिछे हटने वाले नही। बीजेपी,आरएसएस के लोगों ने सिर्फ धर्म और जात पात के नाम पर अपनी राजनिति सेकी है।

एससी,एसटी,ओबीसी, मुस्लिमों के साथ दौहरा रवैया क्यों है, इस सरकार की। भाजपा के मंत्री,नेता विवादित बयान और दंगा भड़का कर भी खुलेआम घुम रहे है। लेकिन हम आप जैसे लोग अगर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएंगे तो हमें जेल और देशद्रोही का नाम दिया जाता है। वही जमिया, जेएनयू के छात्रों ने दिल्ली में हुए हिंसा के खिलाफ सरजिल इमाम और कफील खान की रिहाई के लिए सरकार का घेराव किया।

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