IIT मद्रास की छात्रा फातिमा लतीफ़ ने प्रोफेसर द्वारा धार्मिक भेदभाव व् अपमान के कारण की आत्महत्या

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मुस्लिम मिरर स्टाफ़

नयी दिल्ली: आईआईटी मद्रास की मुस्लिम छात्रा फातिमा लतीफ ने अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली. दरअसल, 9 नवम्बर की सुबह वो अपने कमरे में फंदे से झूलती मिली.

प्रथम वर्ष की स्नातक की छात्रा फातिमा की म्रत्यु के कुछ दिनों बाद, चेन्नई में उसके पिता अब्दुल लतीफ ने आरोप लगाया है कि फ़ातिमा ने उसकी फैकल्टी के सदस्यों द्वारा किये गये अपमानजनक व्यवहार और धार्मिक भेदभाव के कारण ऐसा कदम उठाया है.

फातिमा केरल की रहने वाली थी और आईआईटी मद्रास में मानविकी विभाग में अपने स्नातक स्तर की पढ़ाई कर रही थी.

अब्दुल का कहना है कि, फातिमा ने उससे कहा था कि वह अपना फोन बंद कर लेगी क्योंकि वह पढ़ाई करना चाहती थी। लेकिन उसके बाद हॉस्टल वार्डन ने उन्हें सूचित किया कि फातिमा ने आत्महत्या कर ली है.

लतीफ ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है क्योंकि उनकी बेटी ने एक टेक्स्ट में कथित तौर पर अपने एक प्रोफेसर पर परेशान करने का आरोप लगाया था.

अब्दुल ने बताया कि जब वह अपने परिवार के साथ चेन्नई पहुंचे, तो फातिमा की बहन आयशा ने उसके फोन को स्विच ऑन किया तो संदेश में, फ़ातिमा ने अपने एक प्रोफेसर को “उसकी मौत का कारण” होने का दोषी ठहराया था.

परिवार का कहना है कि उसके मेसेज पढ़ने के बाद उन्हें पता चला कि फातिमा को आईआईटी मद्रास में उनके प्रोफेसर द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था. “इससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंची.”

इसके अलावा अब्दुल ने आईआईटी मद्रास के अधिकारियों पर इस मामले को “विरोधाभासी बयान” देने का आरोप लगाया है.

वहीँ इससे पहले पुलिस ने कहा था कि, फातिमा के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि वह अपने शैक्षणिक प्रदर्शन को लेकर चिंतित थी.

हालांकि, एक संक्षिप्त बयान में, IIT मद्रास ने लड़की की मौत पर गहरा दुख और दुख व्यक्त किया.

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