लोकसभा 2019 का आखरी पड़ाव…

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लोकसभा 2019 आखिरी चरण में बिहार के आठ संसदीय क्षेत्रों के 157 उम्मीदवारों में से चार केंद्रीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है उनमें पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, काराकाट, सासाराम, नालंदा और जहानाबाद संसदीय क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही 68 दिनों से जारी चुनाव प्रचार का शोर थम गया है।

19 मई को राज्य के आठ संसदीय क्षेत्रों और डिहरी विधानसभा क्षेत्र में मतदान होना है। यह सीट राजद विधायक और पूर्व राज्य मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन की अयोग्यता को लेकर पिछले साल रिक्त हुई थी ।

डेढ़ करोड़ से अधिक मतदाता 157 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें चार केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, आरके सिंह, अश्विनी चौबे और रामाृपाल यादव के अलावा लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार, रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाह सहित कई अन्य दिग्गज शामिल हैं।

इनमें से सात सीटों पर पिछली बार राजग ने जीत दर्ज की थी जिसमें पांच पर भाजपा और दो पर रालोसपा का कब्जा है। रालोसपा हालांकि, इस बार ‘महागठबंधन’ का हिस्सा है।

सबसे दिलचस्प चुनाव पटना साहिब सीट पर है जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल रवि शंकर प्रसाद लोकसभा में प्रवेश की कोशिश कर रहे हैं।हालांकि, प्रसाद के सामने उनकी पार्टी के ही बागी नेता शत्रुघ्न सिन्हा की चुनौती है जो दो बार यहां से जीते और अब कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।

पाटलिपुत्र में भी लगातार दूसरी बार भाजपा के रामकृपाल यादव और राजद की मीसा भारती के बीच मुकाबला है. पिछली बार रामकृपाल यादव ने मीसा भारती को 40 हजार वोटों से शिकस्त दी थी.सबसे अधिक चौथी बार सासाराम में कांग्रेस की मीरा कुमार और भाजपा के छेदी पासवान एक-दूसरे के सामने हैं. 2014 में छेदी पासवान ने मीरा कुमार को हराया था. काराकाट में रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा और जदयू के महाबली सिंह के बीच लड़ाई है. पिछली बार उपेंद्र कुशवाहा यहां से जीते थे. राजद दूसरे और जदयू तीसरे नंबर पर था.

सातवें और अंतिम चरण में होने वाला यह चुनाव कई मायने में महत्वपूर्ण है। आठ संसदीय सीटों के तहत 10 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जो नक्सल प्रभावित हैं। ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में शाम चार बजे तक ही मतदान होगा। शनिवार को पोलिंग पार्टियां रवाना की जाएंगी।अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि बताया कि सातवें चरण के लिए 81 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि 20 हजार गाड़ियां चुनाव संपन्न कराने को प्रयोग में लाई जाएंगी। कहा कि 273 मतनदान केंद्रों पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था की गई है।

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