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राजनीती

मुस्लिम डरें नहीं, क्यूंकि ईमान का नाम है मुसलमान: ममता बनर्जी

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By Muslim Mirror Staff-reporter,

ईद के मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अल्पसंख्यक समुदाय को सम्बोधित कहा कि मुस्लिम डरें नहीं। ममता ने यह भी कहा कि जो हमसे टकराएगा, वह चूर-चूर हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल के रेड रोड पर नमाज़ अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुचें थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लिया।

ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘इतने दिन तक, आप लोगों ने एक महीने तक रमजान किया, रोजा किया। इतनी तकलीफ के साथ अल्लाह को याद किया। आसमान भी आपके साथ में है। आप डरो मत, आप बिखरो मत, आप आगे बढ़ो। आप भी इंसान की इंसानियत के लिए काम करो।’

टीएमसी प्रमुख ममता ने कहा, ‘त्याग का नाम है हिंदू, ईमान का नाम है मुसलमान, प्यार का नाम है ईसाई, सिखों का नाम है बलिदान। यह है हमारा प्यारा हिंदुस्तान। इसकी रक्षा हम लोग करेंगे। जो हमसे टकराएगा वह चूर-चूर हो जाएगा। यह हमारा नारा है।’

दरअसल पिछले दिनों लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद भाजपा को लेकर मुसलमानों में भाजपा के प्रति साम्प्रदायिक छवि रही है जिसको लेकर मुसलमानों में कई सवाल है। हालांकि इसी बीच बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में राज्य की 42 सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की।

वहीँ बनर्जी भाजपा कार्यकताओं द्वारा लगाए जाने वाले नारे ‘जय श्री राम’ की भी विरोधी रही हैं। उनका आरोप है कि भगवा दल बार बार इस नारे का इस्तेमाल कर धर्म को राजनीति के साथ मिला रहा है।

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हरियाणा: सीएम मनोहर लाल खट्टर का ऐलान, हरियाणा में भी लागू होगा एनआरसी

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मुस्लिम मिरर स्टाफ़

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची आने के बाद जहाँ एक तरफ विवाद ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं वहीँ इसी बीच अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा की है कि, असम के बाद अब उनके राज्‍य में भी एनआरसी लागू किया जाएगा।

ये बात मुख्यमंत्री खट्टर ने रविवार को अपनी सरकार के पिछले पांच सालों के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही।

इसके अलावा खट्टर ने बताया कि हरियाणा में कानून आयोग के गठन करने पर भी विचार किया जा रहा है अवं समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों की सेवाएं लेने के लिए अलग से एक स्वैच्छिक विभाग का गठन किया जाएगा।

एनआरसी पे खट्टर ने कहा कि, परिवार पहचान पत्र पर हरियाणा सरकार तेजी से काम कर रही है और इसके आंकड़ों का उपयोग राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि, उन्होंने न्यायमूर्ति एचएस भल्ला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि, भल्ला रिटायर होने के बाद भी एनआरसी डाटा का अध्ययन करने के लिए असम के दौरे पर जा रहे हैं और ये अपने आप में सराहनीय है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने अपनी सरकार के पिछले पांच वर्षों पर कहा कि, उनका उद्देश्य सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में किए गए कार्यों की जानकारी लोगों तक पंहुचाना है। इसके अलावा उनकी सरकार आने वाले समय में क्या करेगी, इसके बारे भी वह प्रबुद्ध लोगों से सुझाव् ले रहे है। उन्होंने कहा कि, किसी भी अच्छे सुझाव को वो अपने संकल्प पत्र में शामिल भी कर सकते है।

खट्टर के मुताबिक उनकी सरकार ये सुनिश्चित करेगी के विकास कार्यों का ऑडिट समाज के प्रबुद्ध द्वारा ही हो अतः इसके लिए वो सोशल ऑडिट सिस्टम लागू करेंगे. इस ऑडिट के अनुसार ऐसे कार्यों में भूतपूर्व सैनिक, अध्यापक, इंजिनियर या किसी अन्य प्रकार की विशेष उपलब्धि प्राप्त करने वाले लोगों को ही शामिल किया जाएगा।

आपको बता दें कि, कुछ सप्ताह पूर्व ही असम में हुई एनआरसी की अंतिम सूची आई आई थी जिसमें तकरीबन 19 लाख लोगों को इस सूची से बहार कर दिया था, जिसके बाद काफी आलोचना और विवाद हुए. यहाँ तक की अक्सर एनआरसी की पैरवी करने वाली भाजपा ने अंतिम सूची के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने का फैसला किया है.

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मुस्लिम बहुल इलाकों से चुन कर आए हुए लोकसभा सदस्यों से एक आम मुस्लमान का सवाल 

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मुस्लिम बहुल इलाकों से चुन कर आए हुए माननीय लोकसभा सदस्य,

अस्सलामो अलैकुम !

आपको हमने इसलिए चुना है कि आप हमारी आवाज़ बनेंगे और हमारी समस्याओं के प्रति सरकार को सजग कराते रहेंगे। निरंतर और प्रभावशाली प्रयास करेंगे । परंतु हम कई दशकों से देखते आ रहे हैं कि तमाम मुस्लिम नेता चुनाव के समय जोशीला और भावनात्मक भाषण देकर हमारा वोट तो हासिल कर लेते हैं लेकिन जीतने के बाद हमारे गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साध लेते हैं। लेकिन हर चीज़ की एक सीमा होती है। हम मुकदर्शक बने नहीं रह सकते। बीजेपी और संघ के डर से आपको बहुत लंबे समय तक वोट नहीं दे सकते। अब आपको अपनी जिम्मेदारी निर्वहन करना ही होगा। और आप अपनी जिम्मेदारियों का कितना निर्वहन कर रहे हैं निम्नलिखित सवालों के जवाब से हमें बताने का कष्ट करें!

  1. आप लिंचिग के विरोध में कौन कौन सा कदम अभी तक उठाए हैं या उठा रहे हैं या उठाने वाले हैं?
  2. क्या आप लिंचिंग के विरोध में किसी तरह का कोई धरना प्रदर्शन या भूख हड़ताल किए हैं ? क्या आप लिंचिंग के विरोध में सड़कों पर कभी उतरे हैं?
  3.  क्या आपने लिंचिंग को रोकने के लिए एक सख्त कानून व्यवस्था लाने की सरकार से मांग किए हैं?  या क्या आप इस मांग के लिए अनिश्चित काल के लिए भूख हड़ताल पर कभी बैठे हैं?आपकी यह मांग सरकार मान ले इसके लिए आप कौन सा प्रभावशाली कदम उठाएं हैं या उठाने वाले हैं?
  4. क्या हम ऐसे ही बीजेपी के डर से आपको वोट देते रहें ताकि आप पांच साल एसी कमरों में बिरयानी और कोरमा तोड़े ? या आप लोगों की नपुंसकता को देखते हुए हम लोग भी अब बीजेपी को ही विकल्प बना लें?
  5. जब हमें ही सड़कों पर उतरना है और हमें स्वयं ही अपनी लड़ाई लड़नी है तो हम आपकी जगह बीजेपी को ही वोट क्यूँ न दें? हो सकता है बीजेपी के दिल में ही हमारे लिए ममता जाग जाए? हम आप जैसे नपुंसक नेताओं की जगह दुश्मन को ही दोस्त क्यूं नहीं बना लें
  6. क्या कांग्रेस, सपा, बसपा ,राजद जैसी तथाकथित सेकुलर दल हमारे हितों की रक्षा करती है या हमारे लिए आवाज़ बन सकती है? यदि ऐसा नहीं है तो फिर आप इन दलों को क्यूँ नहीं छोड़ देते? क्या यह सच नहीं है कि आप अपनी निजी स्वार्थों के लिए इन तथाकथित सेकुलर दलों का गुणगान करते हैं?
  7. क्या आप यह मानते हैं कि तथाकथित सेकुलर दलों में आपमात्र एक मुखौटा भर हैं फिर आप किस मुंह से हमसे वोट मांगते हैं ?  और फिर हम वोट देने वालों में और मोदी भक्त में क्या फर्क रह जाता है? मोदी भक्त भी बिना कारण वोट दे रहे हैं और हम भी आपको बिना किसी काम के।
  8. मुस्लिम बहुल इलाकों से मुस्लिम विधायक और सांसद चुने जाने के बावजूद आंकडे़ बताते हैं कि मुस्लिम बहुल इलाकों में स्कूल से लेकर अस्पतालों का भारी अकाल है । तो क्या यह सच नहीं है कि आप तथाकथित सेकुलर दलों के एजेंट के तौर पर सदियों से काम करते आ रहे हैं और आज भी उनके ही एजेंडों को ढो रहे हैं? यानी आपको हमारे विकास से कोई सरोकार नहीं है क्योंकि आप यह जानते हैं कि हम आपको बीजेपी के डर से वोट दे ही देते हैं।
  9. हज कमेटी से लेकर वक्फ बोर्ड , उर्दू एकादमी,मदरसा बोर्ड आदि में सौ फीसदी आप मुस्लिम नेताओं को ही नेतृत्व रहा है फिर भी यह सभी विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। आप इनके खिलाफ कौन सा कदम उठाएं हैं और इन विभागों को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए क्या कर रहे हैं?
  10. क्या आप यह मानते हैं कि देश में वोटों का पोलराईजेशन हो गया है और अब तथाकथित सेकुलर दलों का कोई भविष्य नहीं है? और ऐसी परिस्थिति में क्या हमें अपना नेतृत्व खड़ा करना चाहिए?

धन्यवाद

मुहम्मद वजहुल कमर

(एक आम नागरिक)

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राजनीती

यूपी में बंद नहीं हो रहा पत्रकारों से बदसलूकी

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उतर प्रदेश के मुरादाबाद जिला अस्पताल के निरीक्षण पर भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के दौरे से एक नया विवाद खड़ा हो गया।

स्थानीय पत्रकारों ने आरोप लगाया की मुख्यमंत्री के आने पर हम लोगों को एक कमरे में बन्द कर दिया गया था। ताकि वे योगी से कठिन सवाल न पूछ सकें। मीडिया कर्मी कवरेज करने से रोके जाने पर हंगामा खड़ा कर दिया और पुलिस से नोक-झोक भी हुई।

इस पर जिलधिकारी संजय कुमार प्रतिक्रिया देते हुए सीएम के निरीक्षण के दौरान काफी संख्या में मीडिया के लोग अस्पताल पहुंच गए। उनसे आग्रह किया गया कि मुख्यमंत्री के साथ इतनी संख्या में लोगों का वार्ड में आना मरीजों की सेहत के लिहाज से ठीक नहीं है।

मीडिया खबरों के उन्होंने कहा कि मीडिया वाले एक कमरे में थे जबकि कुछ वार्ड में। सीएम का दौरा होते ही सभी लोग बाहर आ गए थे। कमरे में ताला बंद करने जैसी बात गलत है।

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