अमेरिकी पाबंदी से नाराज ईरान ने परमाणु करार तोड़ा

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By MM Hindi News,

अमेरिकी दावों नकारते हुए, ईरान ने कहा है कि उसने 2015 जॉइंट कॉम्प्रिहेंशन प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) यानी परमाणु समझौते की शर्तों का कभी उल्लंघन नहीं किया है।

ईरान सोमवार को वैश्विक परमाणु संधि से अलग हो गया। ईरान ने अपने कदम का कारण बताया है कि अमेरिका द्वारा उस पर लगाए गए तेल बिक्री से जुड़े प्रतिबंधों को हटाने में ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी और रूस ने कोई खास मदद नहीं की। जिस कारण उसके लिए 2015 की वैश्विक परमाणु संधि में बने रहने का कोई औचित्य नहीं बचा है।

विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने समाचार एजेंसी आईएसएनए से कहा, ‘ईरान ने अपनी योजना के आधार पर 300 किलोग्राम की सीमा पार कर ली।’ साथ ही उन्होंने कहा है तेहरान ने घोषणा की थी कि उसने यह मात्रा अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रतिरोध के तौर पर बढ़ाया है।

बीते माह ही ईरान ने यूरोपीय संघ समेत चार प्रमुख देशों को धमकी दी थी कि अगर वे प्रतिबंधों के खिलाफ कदम नहीं उठाएंगे तो ईरान खुद को संधि से अलग कर लेगा। लंबे समय से ईरान अमेरिका की अधिकतम दबाव बनाने की रणनीति को झेल रहा है, साथ ही उसने अमेरिकी कदमों का चुनौतीपूर्ण जवाब भी दिया है। फिलहाल ईरान के संधि तोड़ने पर अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वह पहले ही इस संधि से अलग हो चुका है।

बता दें कि ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया था कि ईरान ने समझौते से अलग हटकर अपने भंडार में लिमिट से अधिक यूरेनियम भर लिया है। इसपर ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘ईरान जानता है कि वह क्या कर रहा है। वे जानते हैं कि वे किसके साथ खेल रहे हैं और वे आग से खेल रहे हैं।’ गौरतलब है कि तेहरान ने मई में समझौते के कुछ हिस्सों का अनुपालन करना बंद कर दिया था, एक साल बाद अमेरिका ने इस समझौते से अपना पांव वापस खिंच लिया।

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