शाहीनबाग मे सीएए के खिलाफ दो महीने बाद नोएडा-फरीदाबाद जाने वाला रास्ता खुला

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सीएए,एनआरसी,एनपीआर के विरोध में दो महीने से शाहीनबाग में महिलाएं प्रदर्शन कर रही है।दो महीने से कालंदी और फरीदाबाद वाला रास्ता बंद किया हुआ था। आज उस रास्ते को दिल्ली पुलिस ने खोल दिया है।बता दे कि शाहीनबाग के प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को समझाने के लिए और रास्ता खुलबाने के लिए सुप्रिम कोर्ट ने संजय हेगड़े और साधना रामाचंद्रन को वार्ताकार के रूप में शाहीनबाग के आंदोलनकारियों को बात कर बीच का रास्ता निकालने के लिए और आवाम को रोड जाम से राहत पहुंचाने के लिए मध्यस्ता के रूप में हल निकालने के लिए सुप्रिम कोर्ट ने भेजा था।

उसी का नतीजा है कि आज शाहीनबाग के लोगों ने समझादारी से काम लेते हुए अपनी बात सुप्रिम कोर्ट तक रखी और सरकार से लिखित में आंदोलन कर रहे लोगों को सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही है। वही कालिंदी कुंज 9 नंबर सड़क के सामने से  प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटा दी। यह रास्ता नोएडा से फरीदाबाद की तरफ जाता है। इस रोड के खुल जाने से जामिया से नोएडा और नोएडा से जामिया जाने वाले लोगों के लिए कोई राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि अब भी महामाया फ्लाइओवर पर रास्ता बंद है। यह रास्ता यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस ने बंद किया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकारों लगातार शाहीनबाग धरने स्थल पर बातचीत के लिए चौथे दिन भी सहमति नहीं बन पाई है।

शनिवार को वार्ताकार साधना रामचंद्रन फिर से शाहीन बाग पहुंची। जहां प्रदर्शनकारियों ने कई मांगें उनके सामने रखीं, लेकिन बातचीत आखिर में कुछ खास नही बन पाई है । प्रदर्शनकारी लगातार अपनी बात रख रहे है। और उनका कहना है कि उनको भी सड़कों पर बैठने का शौख नही है। अपना घर परिवार बच्चों को छोड़कर सड़कों पर इसलिए बैठे है देश का संविधान बचाने और काला कानून वापस लेने के लिए। वही शाहीनबाग की दादियों ने भी साफ मना कर दिया है कि जबतक सीएए, एनपीआर रद नही होगा तब तक वो लोग सड़कों से नही उठेगें।

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