शाहीनबाग की महिलाओं ने खारिज किया अमित शाह के एनआरसी वाले बयान को कहा कि आंदोलन जारी रहेगा

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देशभर में सीएए,एनआरसी,एनपीआर के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा है। इस धरना को करीब 91 दिन हो चुक है। वही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एनपीआर पर दिए आधे सच वाले वयान को शाहीनबाग की महिलाओं ने खारिज करते एक बार फिर मांग की है कि सरकार मौजूदा कानून में बदलाव करे ताकि एनपीआर के जरिए किसी भी नागरिक को संदिग्ध घोषित न किया जा सके। इसके साथ ही महिलाओं ने शाहीन बाग में धरना जारी रखने का भी ऐलान किया है।

कहा कि हमें सरकार की बाते कागजी तौर पर लिखकर चाहिए। ये आंदोलन तब तक चलेगा जब तक सरकार हमें अश्वासन सही ढंग से दे। वही महिलाओं ने ये भी कहा कि हम लोग सड़कों पर ऐसे ही नही बैठे है। हम लोग हर दिन अपना घर वार छोड़ कर आते है। सरकार को हम लोगों की तकलीफ नही दिख रही है। हम लोग भी भारत के लोग के लोग है। सरकार हमलोगों के साथ इस तरह का रवैया क्यों अपना रही है। वही आज दिल्ली के प्रेस कल्ब ऑफ इंडिया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईएएस हर्ष मंदर ने सीएए आंदोलकारीयों की मांग को जायज ठहराया।

उन्होंने कहा कि हमने एनपीआर के बहिष्कार किया है क्योंकि एनआरसी की दिशा में यह पहला कदम है। हम एनपीआर और जनसंख्या गणना को भी एक-दूसरे से जोड़ने के खिलाफ हैं। सरकार को एक कानून बनाकर 2003 के नागरिकता कानून में बदलाव करना चाहिए ताकि संदिग्ध नागरिकों वाला प्रावधान हटाया जा सके। जब सरकार कानून में संशोधन नहीं करती हम विरोध करते रहेंगे और एनपीआर का हमेशा बहिष्कार करेंगे। इस प्रेस कांन्फेस में योगेंद्र यादव,कविता किष्णन, तौकीर रजा,रवि नायर,महमूद मदनी ने शिरकत किया एनआरपी,एनआरसी,सीएए का मुखालफत किया है।

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