दिल्ली हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील उतरे सड़कों पर अमित शाह के इस्ताफी की मांग

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दिल्ली में हुए हिंसी को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने दिल्ली पुलिस,अमित शाह के इस्तीफा और दिल्ली में शांति की अपील करने के लिए शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट निकाला। ये प्रोटेस्ट सुप्रिम कोर्ट से लेकर संसद मार्ग तक वकीलों ने सरकार के खिलाफ नारा लगाया और हिंदू-मुसलमान की गंदी राजनिति के खिलाफ बंद करने को कहा। देश की जनता अमन चैन चाहती है,ना कि दंगा फसाद आज देश की आर्थिक स्थिति बदहाल हो रही है,लेकिन सरकार इस पर ध्यान ना देकर दंगा करवा रही है।

वही सीनियर एडवोकेड भानू प्रताप सिंह ने भी इस प्रोटेस्ट में शिरकत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी मनमानी कर रही है। देश की जनता को बाटने का काम कर रही है। वही दिल्ली दंगों की बात करते हुए कहा कि तीन दिनों तक दिल्ली जलती रही,लेकिन भाजपा सरकार आंखे बंद कर तमाशा देखती रही। सरकार सो रही है।लेकिन देश के वकील आज सड़कों पर उतरे है। देश का संविधान बचाने। मोदी सरकार मुसलमानों को डरा कर रखना चाहती है।सीएए,एनपीआर जैसे अहमम मुद्दों से भटकाने का काम कर रही है।

ताकि देशभर में चल रहे काला कानून के खिलाफ आंदोलन कमजोर हो सके।लेकिन सरकार को समझना होगा कि आज देश में जो आंदोलन चल रहा है,वो बहुत आगे तक निकल चुका है। और इसका डटकर लोग सामना कर रहे है। वही इस प्रोटेस्ट में सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा ने भी शिरकत किया और कपिल मिश्रा ,अनुराग ठाकुर जैसे लोगों को जेल के अंदर होना चाहिए लेकिन भाजपा इन लोगों को खुला छुट दे रखा है।

सरकार सिर्फ एक समुदाय के लोगों को टारगेट कर रही है। जिसका आज हर समुदार के लोग बहिष्कार कर रही है। आगे कहा कि दिल्ली में जो दंगा हुआ वो सोची समझी साजिश के तहत हुआ। जिससे सीएए,एनआरसी जैसे गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान भटक सके।

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