असम: NRC की अंतिम सूची से नाखुश भाजपा जाएगी सुप्रीम कोर्ट, करेगी डाटा के पुन: सत्यापन की मांग

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मुस्लिम मिरर स्टाफ़

नयी दिल्ली: असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की भले ही अंतिम सूची बहार आ गई हो, लेकिन केंद्र और राज्य की भाजपा दोनों को लगता है कि जारी की गयी सूची में गलतियां हैं।

आपको बता दें कि इसी के चलते  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनिंदा आंकड़ों को फिर से सत्यापित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।

असम के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, पार्टी एनआरसी की अंतिम सूची से संतुष्ट नहीं है इसलिए वो शीर्ष अदालत का रुख करेगी।

दरअसल, बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों में सैंपल डेटा के 20 प्रतिशत का दुबारा सत्यापन करने के लिए भाजपा का आग्रह है तथा भाजपा असम की मुख्य भूमि से 10 फीसदी नमूनों का फिर से सत्यापन करने की मांग करेगी। हालांकि ये मांग एनआरसी के मसौदे के खिलाफ होगी।

गौरतलब है कि एन आर सी की अंतिम सूची भाजपा के गले का फन्दा बन गयी है, क्यूंकि ग़ैर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बताया जा रहा है कि, तकरीबन 19 लाख लोगों में से 13 लाख लोग हिन्दू धर्म से ताल्लुक से रखते हैं जबकि सिर्फ 6 लाख मुस्लमान हैं। इसके अलावा घनी आबादी वाले सीमावर्ती जिलों ने इस सूची में जगह बनाई है, जबकि वहां रह रहे लोगों को ज़यादातर बंगलादेशी समझा जाता था।

आपको बता दें कि, एनआरसी सूची से बहार किये गये 19 लाख लोगों में वो बंगाली हिन्दू शामिल हैं जो 1971 यानी के बंगलादेश के बनने से पहले असम में आकर रह रहे थे, और अपने दस्तवेज़ जुटाने में असमर्थ रहे।

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